महाकुंभ के बाद माघ मेले में भी नागा साधुओं का अलग संसार नजर आने लगा है। संगम की रेती पर छोटे छोटे टेंट लगाकर नागा बाबा भक्तों, श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे हैं। हर टेंट में अग्नि कुंड के सामने नागा बैठ रहे हैं। नागाओं के पूरे शरीर पर भस्म लगी है।चंदन (त्रिपुंड तिलक), जटाएं, और रुद्राक्ष की माला पहने यह नागा अलग ही नजर आ रहे हैं। हाथ में त्रिशूल, कमंडल,लिए