सतलुज जल विद्युत परियोजना पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप, भूमि हथियाने और वादाखिलाफी का दावा TopFan DM Uttarkashi
मोरी ब्लॉक के नैटवाड़ क्षेत्र में सतलुज जल विद्युत परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। धरनारत ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन पर भूमि हथियाने, वादाखिलाफी और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के लिए उनकी भूमि अधिग्रहित की गई, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही वे सुविधाएं, जिनका वादा परियोजना के दौरान किया गया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्षों से उनकी समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें फिर से धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
धरनारत लोगों के अनुसार वर्ष 2019 में भी परियोजना के विरोध में आंदोलन किया गया था। उस दौरान तत्कालीन परियोजना प्रबंधन द्वारा 12 सूत्रीय मांगों पर सहमति जताई गई थी। इनमें प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रोजगार, ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा, भूमिहीन परिवारों को राहत, प्रत्येक परिवार को मुफ्त बिजली, रुपिण और सुपिण नदियों पर सुरक्षात्मक दीवारों का निर्माण, इंग्लिश मीडियम स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना जैसी मांगें शामिल थीं।
इसके अलावा नैटवाड़ से जुड़े सड़क और पुल निर्माण, खेल मैदान, स्कूल बस सेवा, मकानों एवं पशुओं के बीमा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मांगों में से अधिकांश आज तक पूरी नहीं की गई हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से तत्काल वार्ता कर लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी और अपने अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
#SatlujJalVidyutPariyojana #Naitwar #Mori #Uttarkashi #UttarakhandNews #BreakingNews #PahadSandesh #GraminAndolan #LandAcquisition #HydroProject #ViralNews #GroundReport #HindiNews #LatestNews #VillageVoice #DevelopmentDebate #MountainNews #NewsUpdate #Uttarakhand #LocalNews