टोंक: टोंक की अंशुमाला स्वर्णकार ने RAS में इतिहास रचा, गांव में गाजे-बाजे के साथ हुआ स्वागत, लोगों में खुशी की लहर
अंशुमाला ने रविवार शाम 6 बजे बताया कि स्कूल में SDM को देखकर मन में ठान लिया था कि प्रशासनिक अधिकारी बनना है। जयपुर जाकर चार-पांच साल से उन्होंने पूरी मेहनत और रोजाना नौ घंटे पढ़ाई की। इंटरव्यू में न्यू एज्युकेशन पॉलिसी, डिजिटल इंडिया, अंतरिक्ष विज्ञान और ब्रिक्स सम्मेलन जैसे प्रश्न पूछे गए। कठिन सवालों में भी उन्होंने आत्मविश्वास और अपनी सोच से जवाब दिया। अ