राख की धुरखेल होली खेली जाती है, इसमें अगजा होलिका दहन के राख को उड़ाते हैं और ढोल बाजे के साथ एक दूसरे पर डालते है लगाते हैं. फिर खेली जाती है कादो माटी की होली. इसमें कपड़े तो फटते ही हैं, कादो माटी के घोल से लोग सराबोर हो जाते हैं. लोग एक दूसरे को माटी-माटी कर देते हैं और फिर दोपहर बाद खेली जाती है रंगों की होली.