देहरादून की पहचान घंटाघर सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से हाल ही में हुए घंटाघर के रिनोवेशन के बावजूद इसकी घड़ियां अब सही समय नहीं दिखा रहीं और न ही घंटे की ध्वनि सुनाई दे रही है। शहर का दिल कहे जाने वाले घंटाघर की इस दशा पर स्थानीय व्यापारियों ने रोष व्यक्त किया है।