दरअसल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा गया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ कानूनन दंडनीय अपराध है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास को प्रभावित करता है। बाल विवाह से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।