कुचाई व खरसावां के गांवों में तीन दिवसीय सोहराय पर्व के दूसरे दिन मंगलवार शाम लगभग पांच बजे गोहाल पूजा किया गया. इस दौरान घर के पशुधनों को सजाया-संवारा गया. उनकी पूजा की गई. अंतिम दिन बुधवार को बरद खूंटा का आयोजन किया जायेगा. इस दौरान सजे-संवरे बैलों को गुस्सा दिलाते हुए ग्रामीण किसान खुद भी थिरकते हैं. सोहराय पर्व पशुधन से जुड़ा हुआ है. किसानों को कृषि कार्