बांधवगढ़: का मोहर्रम बना गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिंदू परिवार में आती है बाबा हुजूर की सवारी
उमरिया में मनाया जाने वाला मातमी पर्व मोहर्रम केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल भी है। यहां वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार बाबा हुजूर की सवारी एक हिंदू परिवार में आती है, जबकि मोहर्रम के आयोजन में सभी धर्मों के लोग समान श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लेते हैं।मुरादगाह में लोंगो ने ली मुराद