मुग़ल-ए-आज़म की याद दिलाती हरिहर नगर की सड़क!
पहले से खड़े पेड़ों के चारों तरफ़ बना दी सड़क...
विकास की रफ्तार या लापरवाही का नमूना?
सड़क बनी, सुविधा मिली... लेकिन सुरक्षा पर बड़ा सवाल!
अगर रात के अंधेरे में कोई वाहन इन पेड़ों से टकरा गया
तो आखिर जिम्मेदार कौन होगा?