प्रतापगढ़ शहर के अंबिका राजेश्वरी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के समापन अवसर पर कथावाचक महेश पंड्या ने सुखदेव जी महाराज और राजा परीक्षित के संवाद के माध्यम से जीवन में सुख-दुख को समान भाव से स्वीकार करते हुए प्रभु भजन को ही एकमात्र मार्ग बताया। कथा में रुक्मणी-कृष्ण विवाह प्रसंग क