रविवार को संध्या 6 बजे से खरना के साथ ही छठ महापर्व के 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत होती है, यह चार दिवसीय छठ पूजा का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है,खरना का अर्थ 'शुद्धिकरण' होता है और इस दिन व्रत रखने वाले लोग शरीर और मन को पूरी तरह से शुद्ध करते हैं,खरना का व्रत, संयम और आत्म-अनुशासन का प्रतीक है, जो शरीर और मन को शुद्ध करता है, ऐसी मान्यता है