राजनीति में टिकट बदलते हैं... पद बदलते हैं और चेहरे भी बदल जाते हैं... लेकिन वर्षों का संघर्ष, कार्यकर्ताओं का साथ और जनता से बना रिश्ता आसानी से नहीं बदलता। दतिया की सभा में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की नम आंखें शायद इसी लंबे राजनीतिक सफर की कहानी कह रही थीं।
कोई इसे राजनीतिक संदेश मानेगा... कोई स्वाभाविक भावुकता... तो कोई एक अनुभवी नेता का दर्द।
उपचुनाव का परिणाम भविष्य तय करेगा... लेकिन दतिया की यह तस्वीर लंबे समय तक याद रहेगी... जहां एक नेता ने शब्दों से कम और अपनी आंखों की नमी से ज्यादा संदेश देने की कोशिश की।
Morena, Morena | Jul 13, 2026