सोमवार 5 जनवरी शाम 5 बजे से उषा मोड़ के निकट संथाल सरना उमूल के जाहेर स्थान पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा की नियमावली लागू होने से पहले ग्राम सभाओं के पास बहुत से अधिकार थे। जिसे इस नियमावली के साथ समाप्त कर दिया गया है। जहां अधिकार राज्यपाल के पास संरक्षित थे, अब उपायुक्त को सौंप दिया गया है। उन्होंने सवाल दागा है कि, यह किस नियम से संभव है ?