मकर संक्रांति के मौके पर बड़ाकर नदी तट पर लोगों ने स्थान किया। वहीं पूरे कोयलांचल में मकर संक्रांति हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जा रही है, बता दें कि मकर संक्रांति के दिन से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। मकर संक्रांति के दिन से सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं।