Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Jharkhand
Iyc
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
Haryana
No video available

पंचकूला के मोरनी रोड पर दिखा तेंदुआ

Panchkula, Panchkula | Jul 19, 2021

MORE NEWS

कालका में 1 किलो 45 ग्राम गांजा सहित बिहार निवासी युवक गिरफ्तार, कालका में किराये पर रहकर करता था पेंटिंग का काम, आरोपी  आरोपी 2 दिन के पुलिस रिमांड पर।Like /comment /share / follow instagram and you tube subscribe
https://nsmpkp.com News Social Media Pinjore Kalka  Panchkula Reporter mani Pinjore / kalka 9-6-2026, 
my E-mail:manisharma4009@ gmail.com what's app no:-9896944009

https://www.instagram.com/p/DZX0CoshDr9/?igsh=MWRxeWJkcmtvamt6Yg==

कालका में 1 किलो 45 ग्राम गांजा सहित बिहार निवासी युवक गिरफ्तार, कालका में किराये पर रहकर करता था पेंटिंग का काम, आरोपी आरोपी 2 दिन के पुलिस रिमांड पर।Like /comment /share / follow instagram and you tube subscribe https://nsmpkp.com News Social Media Pinjore Kalka Panchkula Reporter mani Pinjore / kalka 9-6-2026, my E-mail:manisharma4009@ gmail.com what's app no:-9896944009 https://www.instagram.com/p/DZX0CoshDr9/?igsh=MWRxeWJkcmtvamt6Yg==

Panchkula, Panchkula | Jun 9, 2026

बिना नंबर प्लेट और छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर पंचकूला पुलिस का सख्त एक्शन: 5 माह में 7128 चालान, 300 वाहन इंपाउंड।
Like /comment /share / follow instagram and you tube subscribe
https://nsmpkp.com News Social Media Pinjore Kalka  Panchkula Reporter mani Pinjore / kalka 9-6-2026, 
my E-mail:manisharma4009@ gmail.com what's app no:-9896944009

https://youtube.com/shorts/KbKmZhFCtzM?si=PPYadKeUC0F1Op6s

https://www.instagram.com/reel/DZX1vPiB1kf/?igsh=MXBwejk3dnUxNm9sYg==

बिना नंबर प्लेट और छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर पंचकूला पुलिस का सख्त एक्शन: 5 माह में 7128 चालान, 300 वाहन इंपाउंड। Like /comment /share / follow instagram and you tube subscribe https://nsmpkp.com News Social Media Pinjore Kalka Panchkula Reporter mani Pinjore / kalka 9-6-2026, my E-mail:manisharma4009@ gmail.com what's app no:-9896944009 https://youtube.com/shorts/KbKmZhFCtzM?si=PPYadKeUC0F1Op6s https://www.instagram.com/reel/DZX1vPiB1kf/?igsh=MXBwejk3dnUxNm9sYg==

Panchkula, Panchkula | Jun 9, 2026

आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस

आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस

Panchkula, Panchkula | Jun 9, 2026

मुख्यमंत्री ने पंचकूला में राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की
 
पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन देने, ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का किया आह्वान
 
गांवों को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ रहा है हरियाणा-  मुख्यमंत्री
 
गांवों के समग्र विकास और नशामुक्त हरियाणा के निर्माण में सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री
 
सरकार ने दी ग्रामीणों को बड़ी राहत: अब 16 जनवरी तक कर सकेंगे मालिकाना हक के लिए आवेदन
 
नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, सरपंच भी इस अभियान में दें सहयोग
 
पंचकूला , 9 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है।
 
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
 
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
 
*योजनाओं की किस्त भी जारी की*
 
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
 
*सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं*
 
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी  के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की।
 
इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है।
 
*बिना पर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।
 
*2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों  से मांगा सहयोग*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें।
 
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
 
*विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है।
 
*गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका*
 
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके।
 
*प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान*
 
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है।
 
*विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे।
 
*सरपंचों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे अपने अनुभव, पारदर्शी व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की सराहना की*
 
समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर ग्रामीण विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। महेंद्रगढ़, पिंजौर, पंचकूला, पुंडरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिनकी बदौलत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के सरकारी नौकरियों में चयन का अवसर मिला है। सरपंचों ने यह भी कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। महिला सरपंच कविता चौधरी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं को समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है।

*हरियाणा में पंचायतों और ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा: पंवार*
 
समारोह को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध करवाकर गांवों के समग्र विकास को नई गति दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में इंडोर जिम, आधुनिक लाइब्रेरी तथा महिला संस्कृति केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के 37 युवाओं के यूपीएससी परीक्षा में चयन को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों में बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। इसी तरह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के लगभग 633 गांवों में महिला संस्कृति केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
 
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी सोच के तहत गांवों में सिवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय जीवन सुविधाएं मिल सकें।
 
*पॉलिथीन का इस्तेमाल ना करे: राव नरबीर सिंह*
 
उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को इस दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो हम सुरक्षित होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
 
समारोह में शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव , उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा और पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री आशुतोष राजन भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पंचकूला में राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन देने, ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का किया आह्वान गांवों को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ रहा है हरियाणा- मुख्यमंत्री गांवों के समग्र विकास और नशामुक्त हरियाणा के निर्माण में सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री सरकार ने दी ग्रामीणों को बड़ी राहत: अब 16 जनवरी तक कर सकेंगे मालिकाना हक के लिए आवेदन नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, सरपंच भी इस अभियान में दें सहयोग पंचकूला , 9 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। *योजनाओं की किस्त भी जारी की* मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। *सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं* मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की। इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है। *बिना पर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास* मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। *2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों से मांगा सहयोग* मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। *विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण* मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। *गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका* मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके। *प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान* मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है। *विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है* मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे। *सरपंचों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे अपने अनुभव, पारदर्शी व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की सराहना की* समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर ग्रामीण विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। महेंद्रगढ़, पिंजौर, पंचकूला, पुंडरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिनकी बदौलत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के सरकारी नौकरियों में चयन का अवसर मिला है। सरपंचों ने यह भी कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। महिला सरपंच कविता चौधरी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं को समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है। *हरियाणा में पंचायतों और ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा: पंवार* समारोह को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध करवाकर गांवों के समग्र विकास को नई गति दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में इंडोर जिम, आधुनिक लाइब्रेरी तथा महिला संस्कृति केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के 37 युवाओं के यूपीएससी परीक्षा में चयन को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों में बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। इसी तरह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के लगभग 633 गांवों में महिला संस्कृति केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी सोच के तहत गांवों में सिवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय जीवन सुविधाएं मिल सकें। *पॉलिथीन का इस्तेमाल ना करे: राव नरबीर सिंह* उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को इस दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो हम सुरक्षित होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव , उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा और पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री आशुतोष राजन भी उपस्थित थे।

Panchkula, Panchkula | Jun 9, 2026

पिंजौर के जितेश मनोचा मर्डर मामलें में पुलिस ने दो और आरोपी किए गिरफ्तार, दोनों 1 दिन के पुलिस रिमांड पर

हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल

पंचकूला/पिंजौर/ 09 जून:- पिंजौर के मुख्य बाजार में कारोबारी के बेटे जितेश मनोचा उर्फ किट्टू की हत्या करने के मामले में पंचकूला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पिंजौर थाना टीम ने मामलें में कार्रवाई करते हुए 8 जून को अजीतपाल और गुरप्रीत उर्फ हन्नी (दोनों निवासी पिंजौर) को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता का साफ कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। 

हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल

इस मामलें में पुलिस ने वारदात के मात्र तीन घंटे के भीतर ही चार मुख्य आरोपियों को 5 जून को ही काबू कर लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी (निवासी गणेशपुर भौरिया), रोहित मेहता उर्फ विक्की (निवासी नंगल कालका), मनीष कुमार (निवासी रतपुर कॉलोनी) और खुशदीप सिंह उर्फ दीपी (निवासी मानकपुर ठाकुरदास) के रूप में हुई थी। 6 जून को अदालत से मिले दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पिंजौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और डंडे बरामद करने में सफलता हासिल की। 

रिमांड के दौरान 2 आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की फिराक में थे। दरअसल, जब पुलिस टीम चारों आरोपियों को बरामदगी के लिए परवाणू (हिमाचल प्रदेश) ले जा रही थी, तो जीरकपुर-शिमला हाईवे पर मल्लाह मोड़ के पास आरोपी खुशदीप सिंह और मनप्रीत सिंह ने पुलिसकर्मियों से बाथरूम जाने की बात कही। गाड़ी से नीचे उतरते ही दोनों आरोपियों ने सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को अचानक धक्का दे दिया और भागने के लिए हाईवे से नीचे पुलिया की तरफ छलांग लगा दी। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने अन्य सहयोगियों की मदद से मुठैड़ (नुकीले पत्थरों) के बीच कूदकर भाग रहे दोनों आरोपियों को तुरंत दबोच लिया। इस दौरान पत्थरों पर गिरने के कारण दोनों आरोपियों की दाहिनी टांगों पर चोटें आईं। 

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के कारण आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 262 के तहत एक और नया मामला दर्ज किया गया है। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद इन चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

क्या था पूरा मामला

इस वारदात की शुरुआत एक महीने पुराने मामूली विवाद से हुई थी। जांच में सामने आया है कि मृतक जितेश मनोचा और आरोपी खुशदीप सिंह के बीच करीब एक माह पहले दुकान के बाहर गाड़ी पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जानलेवा हमले की पूरी साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। 
मृतक के पिता के बयानों के मुताबिक, उनका बेटा जितेश उनके साथ बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर काम करता था। 5 जून की दोपहर करीब 3:15 बजे जब वह अपने एक परिचित की गाड़ी में बैठकर बात कर रहा था, तभी अचानक आए कुछ युवकों ने उसे जबरन बाहर घसीटा और डंडों व लात-घूंसों से पीटा था। शोर मचने पर आरोपी फरार हो गए और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जितेश को मृत घोषित कर दिया।

पिंजौर के जितेश मनोचा मर्डर मामलें में पुलिस ने दो और आरोपी किए गिरफ्तार, दोनों 1 दिन के पुलिस रिमांड पर हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल पंचकूला/पिंजौर/ 09 जून:- पिंजौर के मुख्य बाजार में कारोबारी के बेटे जितेश मनोचा उर्फ किट्टू की हत्या करने के मामले में पंचकूला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पिंजौर थाना टीम ने मामलें में कार्रवाई करते हुए 8 जून को अजीतपाल और गुरप्रीत उर्फ हन्नी (दोनों निवासी पिंजौर) को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता का साफ कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल इस मामलें में पुलिस ने वारदात के मात्र तीन घंटे के भीतर ही चार मुख्य आरोपियों को 5 जून को ही काबू कर लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी (निवासी गणेशपुर भौरिया), रोहित मेहता उर्फ विक्की (निवासी नंगल कालका), मनीष कुमार (निवासी रतपुर कॉलोनी) और खुशदीप सिंह उर्फ दीपी (निवासी मानकपुर ठाकुरदास) के रूप में हुई थी। 6 जून को अदालत से मिले दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पिंजौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और डंडे बरामद करने में सफलता हासिल की। रिमांड के दौरान 2 आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की फिराक में थे। दरअसल, जब पुलिस टीम चारों आरोपियों को बरामदगी के लिए परवाणू (हिमाचल प्रदेश) ले जा रही थी, तो जीरकपुर-शिमला हाईवे पर मल्लाह मोड़ के पास आरोपी खुशदीप सिंह और मनप्रीत सिंह ने पुलिसकर्मियों से बाथरूम जाने की बात कही। गाड़ी से नीचे उतरते ही दोनों आरोपियों ने सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को अचानक धक्का दे दिया और भागने के लिए हाईवे से नीचे पुलिया की तरफ छलांग लगा दी। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने अन्य सहयोगियों की मदद से मुठैड़ (नुकीले पत्थरों) के बीच कूदकर भाग रहे दोनों आरोपियों को तुरंत दबोच लिया। इस दौरान पत्थरों पर गिरने के कारण दोनों आरोपियों की दाहिनी टांगों पर चोटें आईं। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के कारण आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 262 के तहत एक और नया मामला दर्ज किया गया है। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद इन चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। क्या था पूरा मामला इस वारदात की शुरुआत एक महीने पुराने मामूली विवाद से हुई थी। जांच में सामने आया है कि मृतक जितेश मनोचा और आरोपी खुशदीप सिंह के बीच करीब एक माह पहले दुकान के बाहर गाड़ी पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जानलेवा हमले की पूरी साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। मृतक के पिता के बयानों के मुताबिक, उनका बेटा जितेश उनके साथ बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर काम करता था। 5 जून की दोपहर करीब 3:15 बजे जब वह अपने एक परिचित की गाड़ी में बैठकर बात कर रहा था, तभी अचानक आए कुछ युवकों ने उसे जबरन बाहर घसीटा और डंडों व लात-घूंसों से पीटा था। शोर मचने पर आरोपी फरार हो गए और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जितेश को मृत घोषित कर दिया।

Panchkula, Panchkula | Jun 9, 2026

पंचकूला के मोरनी रोड पर दिखा तेंदुआ - Panchkula News