कृषि उपज मंडी में बारदान के नाम पर वजन कटौती को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि प्रति बोरी एक किलो निर्धारित कटौती के अलावा 300 से 400 ग्राम अतिरिक्त वजन काटा जा रहा है, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।