मोरडोंगरी में पांच दिनों के शिविर में बच्चों को जीवन जीने का तरीका सिखाया। पांच दिनों के शिविर में अंतर्ज्ञान और अंतः प्रज्ञा सिखाई गई। 08 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों को योग भी सिखाया गया।बुधवार 5 बजे शिविर संचालिका ने बताया अंतर्ज्ञान और अंतः प्रज्ञा यह एक ऐसी क्षमता है जिसमें व्यक्ति बिना किसी तर्क या प्रमाण के किसी चीज को समझ लेता है या महसूस करता है।