आजमगढ़ के एसकेपी इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रही श्री राम कथा के दूसरे दिन भक्ति विवेक और वैराग्य का आदित्य संगम देखने को मिला कथा वाचक आचार्य शांति जी महाराज ने ओजस्वी भावपूर्ण तर्कपूर्ण प्रवचन के नए स्रोतों को न केवल रामचरितमानस के गुना रहस्यों से परिचित कराया बल्कि जीवन को संतुलन और मर्यादा में डालने का मंत्र दिया पूर्व मंत्री यशवंत सिंह रमेशकनौजिया रहे