उज्जैन में 14 से 18 जनवरी तक आयोजित श्री महाकाल महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार 7 बजे से जनजातीय लोककलाओं, कलायात्रा और संगीतमय प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिनभर चले सांस्कृतिक आयोजनों के बाद शाम तक महाकाल महालोक का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे