बालाघाट: जिले में डीएसआर तकनीक से धान की बुवाई: कम लागत और अधिक बचत
जिले में धान की खेती में अब किसान पारंपरिक रोपाई छोड़कर डीएसआर तकनीक अपना रहे हैं। इस विधि से 15–30% तक पानी की बचत होती है और समय, मजदूरी व लागत कम लगती है। जन संपर्क कार्यालय से रविवार लगभग शाम 5 6 बजे मिली जानकारी के अनुसार बीज सीड ड्रिल से सीधे बोए जाते हैं, जिससे बेहतर अंकुरण मिलता है और पहली सिंचाई 21 दिन बाद करनी होती है। पारंपरिक रोपाई में अधिक मजदूर