मात्र 25 वर्ष की अवस्था में 165 वर्ष पूर्व नारायणपुर ककरहीं से दक्षिण अफ्रीका गए रामलखन यादव की छठीं पीढ़ी के प्रो. अनिल सुकलाल उनकी निशानियाँ ढूंढते पूर्वजों के गाँव पहुँचे। हालांकि नई दिल्ली स्थित दूतावास में दक्षिण अफ्रीका के राजदूत के रूप में कार्यरत प्रो० अनिल को इस प्रयास में सफलता नहीं मिल सकी। जिस पर वह श्रद्धापूर्वक गाँव की मिट्टी लेकर वापस लौट गए।