Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Jharkhand
Iyc
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
Haryana
No video available

ओलंपिक खेलों में गए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं।। Best of Luck.. #Cheer4india

40.9k views | Himachal Pradesh, India | Jul 25, 2021

MORE NEWS

Video Credit  Ajay Sharma .
हिमाचल प्रदेश की देवभूमि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं एक ऐसी अनूठी विरासत, जो पहाड़ी वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।

गिरिश ठाकुर 

बादलों से घिरे नीले आसमान के बीच खड़ी यह भव्य पारंपरिक संरचना हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की कहानी बयां कर रही है। लकड़ी और पत्थर से निर्मित यह प्राचीन शैली की इमारत स्थानीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।
वीडियो में दिखाई दे रहा यह स्थल न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दूर-दूर तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं और शांत वातावरण के बीच स्थित यह धरोहर क्षेत्र की पहचान को और भी विशेष बनाती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की पारंपरिक इमारतें हमारी संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद आवश्यक है।
बदलते मौसम, आसमान में तैरते बादल और प्राकृतिक सौंदर्य इस स्थल की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। यही कारण है कि यहां आने वाला हर पर्यटक इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाता।

प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पारंपरिक वास्तुकला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता यह स्थल हिमाचल की समृद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक है। आवश्यकता है कि ऐसी धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

                          न्यूज़ टुडे हिमाचल।

Video Credit Ajay Sharma . हिमाचल प्रदेश की देवभूमि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं एक ऐसी अनूठी विरासत, जो पहाड़ी वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। गिरिश ठाकुर बादलों से घिरे नीले आसमान के बीच खड़ी यह भव्य पारंपरिक संरचना हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की कहानी बयां कर रही है। लकड़ी और पत्थर से निर्मित यह प्राचीन शैली की इमारत स्थानीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है। वीडियो में दिखाई दे रहा यह स्थल न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दूर-दूर तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं और शांत वातावरण के बीच स्थित यह धरोहर क्षेत्र की पहचान को और भी विशेष बनाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की पारंपरिक इमारतें हमारी संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद आवश्यक है। बदलते मौसम, आसमान में तैरते बादल और प्राकृतिक सौंदर्य इस स्थल की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। यही कारण है कि यहां आने वाला हर पर्यटक इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाता। प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पारंपरिक वास्तुकला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता यह स्थल हिमाचल की समृद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक है। आवश्यकता है कि ऐसी धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। न्यूज़ टुडे हिमाचल।

Shimla Urban, Shimla | Jun 9, 2026

शिमला समर फेस्टिवल...

शिमला समर फेस्टिवल...

Shimla Urban, Shimla | Jun 9, 2026

शिमला समर फेस्टिवल

शिमला समर फेस्टिवल

Shimla Urban, Shimla | Jun 9, 2026

*राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों के साथ की बैठक* 

शिमला, 09 जून

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा अपने हिमाचल प्रदेश प्रवास के दौरान आज शिमला के होटल पीटरहॉफ में प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने की।

इस अवसर पर आयोग के सदस्य निरुपम चकमा, डॉ. आशा लकड़ा, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

बैठक में हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जनजातीय समुदाय के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। माननीय सांसदों एवं विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को आयोग के समक्ष रखा।

आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास एवं वहां के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषयों एवं सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सांसद सुरेश कुमार कश्यप, विधायक जनक राज एवं अनुराधा राणा ने अपने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा। आयोग के अध्यक्ष ने सभी मांगो को प्रदेश सरकार के माध्यम से रिकमेंडेशन प्रस्तुत करने को कहा।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (जनजातीय विकास) ओंकार चंद शर्मा ने आयोग का हिमाचल पधारने पर स्वागत किया तथा बैठक का संचालन किया। 

बैठक में जानकारी दी गई कि हिमाचल प्रदेश में भोट/बोध, गद्दी, गुज्जर, जाड़, लम्बा, खम्पा, किन्नौरा, लाहौला, पंगवाला, स्वांगला, बेटा, बेड़ा, डेम्बा, गारा, जोबा तथा हाटी समुदाय अनुसूचित जनजातियों के रूप में अधिसूचित हैं।
वही जनगणना 2011 के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल जनसंख्या 68.65 लाख है, जिसमें लगभग 3.92 लाख अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोग निवास करते हैं, जो राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 5.71 प्रतिशत है।
-०-

*राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों के साथ की बैठक* शिमला, 09 जून राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा अपने हिमाचल प्रदेश प्रवास के दौरान आज शिमला के होटल पीटरहॉफ में प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य निरुपम चकमा, डॉ. आशा लकड़ा, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक के दौरान जनजातीय समुदाय के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। माननीय सांसदों एवं विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को आयोग के समक्ष रखा। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास एवं वहां के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषयों एवं सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सांसद सुरेश कुमार कश्यप, विधायक जनक राज एवं अनुराधा राणा ने अपने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा। आयोग के अध्यक्ष ने सभी मांगो को प्रदेश सरकार के माध्यम से रिकमेंडेशन प्रस्तुत करने को कहा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (जनजातीय विकास) ओंकार चंद शर्मा ने आयोग का हिमाचल पधारने पर स्वागत किया तथा बैठक का संचालन किया। बैठक में जानकारी दी गई कि हिमाचल प्रदेश में भोट/बोध, गद्दी, गुज्जर, जाड़, लम्बा, खम्पा, किन्नौरा, लाहौला, पंगवाला, स्वांगला, बेटा, बेड़ा, डेम्बा, गारा, जोबा तथा हाटी समुदाय अनुसूचित जनजातियों के रूप में अधिसूचित हैं। वही जनगणना 2011 के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल जनसंख्या 68.65 लाख है, जिसमें लगभग 3.92 लाख अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोग निवास करते हैं, जो राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 5.71 प्रतिशत है। -०-

Shimla Urban, Shimla | Jun 9, 2026

शिमला समर फेस्टिवल की देखें कुछ तस्वीरें

शिमला समर फेस्टिवल की देखें कुछ तस्वीरें

Shimla Urban, Shimla | Jun 9, 2026

ओलंपिक खेलों में गए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं।। Best of Luck.. #Cheer4india - Himachal Pradesh News