दिल्ली में स्कूल फीस को लेकर चली खींचतान आखिरकार अदालत के आदेश पर खत्म हो गई। शिक्षा निदेशालय के पुराने आदेश और अदालती मामले का हवाला देकर फीस रोकना एक अभिभावक को महंगा पड़ गया। साकेत जिला स्थित सिविल जज अजीत नारायण की अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब संबंधित आदेश रद्द हो चुका है, तो उसके नाम पर फीस भुगतान से बचा नहीं जा सकता।