सहारनपुर: हज और उमराह सिर्फ़ अमीरों के लिए नहीं, अपनी तरजीहात पर ग़ौर करें - मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा
पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद सा॰ ने इरशाद फ़रमाया, “बार-बार हज और उमराह किया करो, क्योंकि लगातार हज और उमराह करने से इंसान की ग़रीबी और गुनाह इस तरह दूर हो जाते हैं, जैसे भट्टी लोहे से ज़ंग को साफ़ कर देती है।” मक्का मुकर्रमा से इस हदीस की तशरीह करते हुए मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने शनिवार शाम 6:00 बजे अपने एक वीडियो बयान में कहा।