लोक आस्था का महापर्व छठ 'नहाय-खाय' के साथ शुरू हो गया है। चार दिवसीय इस अनुष्ठान का दिन 'खरना' है। यह पर्व मां प्रकृति के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। पूर्वांचल और बिहार सहित देश के कई हिस्सों में यह पर्व मनाया जाता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि माताएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। महिलाओं के द्वारा मचकुंड सरोवर