संसार से जाने के बाद भी कोई व्यक्ति मानव समाज के लिए किस तरह उपयोगी हो सकता है, इसकी एक अनुकरणीय मिसाल धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के जगदीश दास पिता बलराम जी (उम्र 51 वर्ष) ने पेश की है। शनिवार को उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी इच्छा अनुसार उनका देहदान इंदौर के एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज में किया, ताकि मेडिकल के छात्र मानव शरीर पर गहन शोध अध्ययन कर सके।