किसानों के कड़ी मेहनत से तैयार हुआ धान बारिश और सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ गया। बस्तर जिले में खरीदी के करीब एक साल बाद भी 27,307 मीट्रिक टन धान आज तक संग्रहण केंद्रों में पड़ा हुआ है, लेकिन उसका समय पर उठाव नहीं हो पाया। नतीजा यह कि अब करोड़ों का धान सड़ने लगा है। हालात केवल बस्तर तक सीमित नहीं हैं।