धार में सौतेले पिता को कोर्ट ने आजीवन शेष प्राकृत जीवनकाल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने दिव्यांग युवती के साथ दुष्कर्म किया था। 22 साल की उम्र में भी पीडिता का आईक्यू लेवल महज चार साल की बालिका की तरह था। पीड़िता आरोपी का सही से नाम तक नहीं बता पा रही थी।