चित्तौड़गढ़: जिला स्थाई लोक अदालत ने देरी से क्लेम प्रस्तुत करने के तर्क को खारिज कर सावा के परिवादी के पक्ष में सुनाया 5 लाख का आदेश
जिला स्थाई लोक अदालत ने अपने एक निर्णय में एलआईसी के विरुद्ध 5 लाख रुपये, मानसिक संताप, परिवाद व्यय के 5-5 हजार रुपये दो माह में अदम अदायगी 9 प्रतिशत ब्याज से अदा करने का आदेश दिया। प्रकरण के अनुसार, सावा के मनोहर लाल बारबर पुत्र ने LIC के विरूद्ध परिवाद पेश किया जिसमे देरी से आवेदन करने पर कंपनी द्वारा नो क्लेम किये जाने का हवाला दिया गया।