मीरजापुर के लाल पेड़ा कारोबारियों को मिलेगी आर्थिक उड़ान
लाल पेड़ा कारोबार से जुड़े व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार दे रही भारी अनुदान
एक जिला एक व्यंजन (ODOC) योजना के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा को किया था शामिल
मीरजापुर। हस्त निर्मित कालीनों के लिए प्रसिद्ध मीरजापुर के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार एक जिला-एक व्यंजन यानि ओडीओसी योजना के तहत चयनित लाल पेड़ा के कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान प्रदान करेगी। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुछ दिनों पहले ही लाल पेड़ा का चयन किया गया है। सरकार की ओर से दी जा रही आर्थिक मदद लाल पेड़ा को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ही इसके कारोबार से जुड़े कारीगरों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलने का भी काम करेगी।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि एक जिला-एक व्यंजन योजना के तहत 25 लाख रुपए से लेकर 5 करोड़ रुपए तक की परियोजना लागत पर उद्यमी को अनुदान प्रदान किया जाएगा। परियोजना लागत 25 लाख रुपए तक पर अनुदान राशि 25 प्रतिशत, 25 लाख से अधिक और 50 लाख तक पर परियोजना लागत का 20 प्रतिशत, 50 लाख से अधिक एवं 1.5 करोड़ रुपए तक पर परियोजना लागत का 10 प्रतिशत या 10 लाख में से जो अधिक हो और 1.5 करोड़ से अधिक की परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत या 50 लाख में से जो कम हो, वह अनुदान प्रदान किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि जनपद में लाल पेड़ा बनाने की लगभग 65 ईकाइयां क्रियाशील हैं, जहां लगभग 400 लोग इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। बताया कि सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांग लाभार्थी को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा। उद्यम शुरू करने के दो वर्ष बाद सफलतापूर्वक संचालित होने पर अनुदान राशि बैंक ऋण में समायोजित की जाएगी। बताया कि अनुदान प्राप्त करने के लिए संबंधित उद्यमी विभागीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के मकसद से सरकार मार्जिन मनी के रूप में अनुदान प्रदान करेगी। इससे ओडीओसी के अंतर्गत चयनित लाल पेड़ा से जुड़े उद्यमियों के काम को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण से बढ़ेगी पेड़ा की मिठास, निखरेगा हुनर
उन्होंने बताया कि लाल पेड़ा बनाने वाले मीरजापुर के कारीगरों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगी। इसमें व्यंजनों की पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्वच्छता के मानक और लंबी शेल्फ-लाइफ सुनिश्चित करने के गुर सिखाए जाएंगे। जिससे मीरजापुर के बने ये लाल पेड़े बिना खराब हुए देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सकें।