फतेहपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला, सीजेएम ने दिए एफआईआर के आदेश
दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोपों पर 15 दिन में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश
थाने में सुनवाई न होने का आरोप, अदालत के आदेश से मामले की जांच का रास्ता खुला
फतेहपुर | 21 अक्टूबर 2026 | ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी कस्बे में विवाहिता आसमा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने पीड़िता की मां शायरा बानो के प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को 15 दिनों के भीतर उचित धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का निर्देश दिया है। यह आदेश 8 अक्टूबर 2026 को पारित किया गया।
दहेज प्रताड़ना और हत्या के गंभीर आरोप
अदालत में दिए गए प्रार्थनापत्र के अनुसार, शायरा बानो की पुत्री आसमा का निकाह 16 नवंबर 2008 को बिंदकी निवासी जावेद के साथ हुआ था। प्रार्थिनी ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर आसमा को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ मारपीट की जाती थी।
प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया कि 10 अगस्त 2026 को आसमा की हत्या कर दी गई। मां का कहना है कि सूचना मिलने पर जब वह परिजनों के साथ ससुराल पहुंचीं, तो उनकी पुत्री कमरे में मृत अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
शायरा बानो के मुताबिक, उन्होंने संबंधित थाने में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि पुलिस ने जावेद को कुछ दिनों तक थाने में रखने के बाद बिना प्राथमिकी दर्ज किए छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने 18 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
प्रार्थिनी ने अदालत में शपथपत्र, शिकायत की प्रति, डाक रसीद और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। न्यायालय के आदेश में उल्लेख है कि संबंधित थाने से प्राप्त आख्या के अनुसार इस शिकायत पर कोई अभियोग पंजीकृत नहीं पाया गया।
अब विवेचना से स्पष्ट होंगे तथ्य
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध अभिलेखों और प्रार्थनापत्र में लगाए गए आरोपों पर विचार करने के बाद मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की संभावना मानते हुए पुलिस विवेचना आवश्यक बताई। अदालत ने उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश आरोपों की अंतिम पुष्टि या किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का निर्णय नहीं है।
एनडी न्यूज़ की अपील: पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि न्यायालय के आदेश का समयबद्ध अनुपालन करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। यदि किसी को धमकी मिल रही है, तो वह पुलिस और सक्षम न्यायालय को साक्ष्यों सहित सूचित करे। पीड़ित परिवार की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
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रिपोर्ट: फतेहपुर जिला ब्यूरो
📅 दिनांक: 21 अक्टूबर 2026
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