चांदी गांव में पिछले 15 वर्षों से एक अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। यहां के ग्रामीण हर वर्ष सामुदायिक भवन में एकत्र होकर दही-चूड़ा और भूरा का प्रसाद ग्रहण करने के बाद गांव के विकास को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में पिंटू कुमार, गुरुचरण प्रसाद, देवन कुशवाहा, शिवदयाल कुशवाहा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।