निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से चर्चा की और उनके खसरा मिलान, मोबाइल-आधार लिंक, फिंगर प्रिंट, भूमि अभिलेख सुधार तथा एग्रीस्टैक पंजीयन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का स्थल पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान एग्रीस्टैक पंजीयन से वंचित न रहे।