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शूलिनी मेला 2026 हिमाचल केसरी कुश्ती दंगल का ख़िताब बागा के सोनू ने जीता। उन्होंने कण्डा के चेतन को हराया। हिमाचल समय - Himachal Samay Media #solan #dangal

Solan, Solan | Jun 27, 2026

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नशामुक्त, कौशलयुक्त और देशभक्त युवा ही विकसित भारत की आधारशिला : राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के इंडक्शन कार्यक्रम में प्राचार्य का आह्वान I

नवप्रवेशित विद्यार्थियों का भव्य स्वागत; नई शिक्षा नीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नशामुक्ति एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से कराया परिचय I

शिमला, 14 जुलाई 2026

राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय (कोटशेरा), चौड़ा मैदान, शिमला में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्वागतार्थ "इंडक्शन प्रोग्राम 2026–27" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, शिक्षकों, नई शिक्षा नीति (NEP-2020), सेमेस्टर प्रणाली तथा महाविद्यालय की विविध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना था, ताकि वे अपने महाविद्यालय जीवन की सफल, आत्मविश्वासपूर्ण एवं उद्देश्यपूर्ण शुरुआत कर सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार में हार्दिक स्वागत करते हुए बताया कि राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, (कोटशेरा) की स्थापना वर्ष 1984 में शिमला की ऐतिहासिक इनवरार्म (Inverarm) पहाड़ी पर की गई थी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सात पहाड़ियों के शहर शिमला में स्थित यह महाविद्यालय पिछले चार दशकों से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करते हुए प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण तथा उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और उत्कृष्टता का सशक्त मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समय के सदुपयोग, नियमित अध्ययन तथा सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक, खेलकूद, एनएसएस, एनसीसी तथा अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence–AI), डिजिटल तकनीकों तथा कौशल विकास की बढ़ती भूमिका पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि आज केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल दक्षता, चिंतन, संवाद कौशल, रचनात्मकता तथा निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई (AI)आधारित तकनीकों का उपयोग अध्ययन, अनुसंधान, नवाचार एवं रचनात्मक कार्यों के लिए करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव प्रतिभा का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने वाला प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उपयोग सदैव नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं शैक्षणिक ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले, नवाचारी, आत्मनिर्भर एवं उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है। विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध कौशल विकास, इंटर्नशिप, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा सामुदायिक सेवा से जुड़े अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आज का युवा जितना तकनीकी रूप से दक्ष होगा, उतना ही राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकेगा।
अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से नशामुक्त हिमाचल के निर्माण का आह्वान करते हुए विद्यार्थियों को चिट्टा सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया ताकि एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हिमाचल का निर्माण हो सके।
प्राचार्य ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने राष्ट्र, समाज और संविधान के प्रति कर्तव्यों का सदैव स्मरण रखना चाहिए। देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित में किए गए प्रत्येक सकारात्मक कार्य में दिखाई देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने ज्ञान, कौशल और चरित्र के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू छात्र जीवन में राजकीय महाविद्यालय संजौली एवं राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के संयुक्त छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय नेतृत्व क्षमता, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने की समृद्ध परंपरा रखता है तथा विद्यार्थियों को इससे प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
इसके उपरांत आईक्यूएसी (IQAC) संयोजक डॉ. पी.एल. वर्मा ने विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (NEP-2020), सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट आधारित शिक्षा व्यवस्था, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट, आंतरिक मूल्यांकन, उपस्थिति नियम, परीक्षा प्रणाली, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट कार्य तथा अन्य अकादमिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इसके पश्चात विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों, गैर- शैक्षणिक कर्मचारी का परिचय सत्र आयोजित किया गया।  

डिजिटल लाइब्रेरी प्रभारी सुश्री अनुपमा नेगी ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी, ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, ई-रिसोर्सेज तथा अन्य ऑनलाइन अध्ययन सुविधाओं की जानकारी देते हुए डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया।
एनसीसी अधिकारी डॉ. अजय ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की गतिविधियों, प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्रसेवा तथा रक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर अवसरों की जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों को एनसीसी से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न समितियों, क्लबों, छात्रवृत्ति योजनाओं, पुस्तकालय सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, छात्र सहायता तंत्र तथा अनुशासन संबंधी नियमों से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर डीन छात्र कल्याण (Dean Student Welfare) डॉ. शालिनी चौहान तथा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (Research and Development Cell) की संयोजक डॉ. अनुप्रिया शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें छात्र कल्याण, शोध, नवाचार एवं अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का  मंच संचालन डॉ. नेहा कटोच तथा प्रो. सुष्मिता नेगी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, अनुशासन,  सामाजिक उत्तरदायित्व और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेंगे।

नशामुक्त, कौशलयुक्त और देशभक्त युवा ही विकसित भारत की आधारशिला : राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के इंडक्शन कार्यक्रम में प्राचार्य का आह्वान I नवप्रवेशित विद्यार्थियों का भव्य स्वागत; नई शिक्षा नीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नशामुक्ति एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से कराया परिचय I शिमला, 14 जुलाई 2026 राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय (कोटशेरा), चौड़ा मैदान, शिमला में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्वागतार्थ "इंडक्शन प्रोग्राम 2026–27" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, शिक्षकों, नई शिक्षा नीति (NEP-2020), सेमेस्टर प्रणाली तथा महाविद्यालय की विविध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना था, ताकि वे अपने महाविद्यालय जीवन की सफल, आत्मविश्वासपूर्ण एवं उद्देश्यपूर्ण शुरुआत कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार में हार्दिक स्वागत करते हुए बताया कि राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, (कोटशेरा) की स्थापना वर्ष 1984 में शिमला की ऐतिहासिक इनवरार्म (Inverarm) पहाड़ी पर की गई थी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सात पहाड़ियों के शहर शिमला में स्थित यह महाविद्यालय पिछले चार दशकों से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करते हुए प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण तथा उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और उत्कृष्टता का सशक्त मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समय के सदुपयोग, नियमित अध्ययन तथा सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक, खेलकूद, एनएसएस, एनसीसी तथा अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence–AI), डिजिटल तकनीकों तथा कौशल विकास की बढ़ती भूमिका पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि आज केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल दक्षता, चिंतन, संवाद कौशल, रचनात्मकता तथा निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई (AI)आधारित तकनीकों का उपयोग अध्ययन, अनुसंधान, नवाचार एवं रचनात्मक कार्यों के लिए करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव प्रतिभा का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने वाला प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उपयोग सदैव नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं शैक्षणिक ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले, नवाचारी, आत्मनिर्भर एवं उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है। विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध कौशल विकास, इंटर्नशिप, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा सामुदायिक सेवा से जुड़े अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आज का युवा जितना तकनीकी रूप से दक्ष होगा, उतना ही राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकेगा। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से नशामुक्त हिमाचल के निर्माण का आह्वान करते हुए विद्यार्थियों को चिट्टा सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया ताकि एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हिमाचल का निर्माण हो सके। प्राचार्य ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने राष्ट्र, समाज और संविधान के प्रति कर्तव्यों का सदैव स्मरण रखना चाहिए। देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित में किए गए प्रत्येक सकारात्मक कार्य में दिखाई देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने ज्ञान, कौशल और चरित्र के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू छात्र जीवन में राजकीय महाविद्यालय संजौली एवं राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के संयुक्त छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय नेतृत्व क्षमता, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने की समृद्ध परंपरा रखता है तथा विद्यार्थियों को इससे प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। इसके उपरांत आईक्यूएसी (IQAC) संयोजक डॉ. पी.एल. वर्मा ने विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (NEP-2020), सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट आधारित शिक्षा व्यवस्था, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट, आंतरिक मूल्यांकन, उपस्थिति नियम, परीक्षा प्रणाली, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट कार्य तथा अन्य अकादमिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके पश्चात विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों, गैर- शैक्षणिक कर्मचारी का परिचय सत्र आयोजित किया गया। डिजिटल लाइब्रेरी प्रभारी सुश्री अनुपमा नेगी ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी, ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, ई-रिसोर्सेज तथा अन्य ऑनलाइन अध्ययन सुविधाओं की जानकारी देते हुए डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया। एनसीसी अधिकारी डॉ. अजय ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की गतिविधियों, प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्रसेवा तथा रक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर अवसरों की जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों को एनसीसी से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न समितियों, क्लबों, छात्रवृत्ति योजनाओं, पुस्तकालय सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, छात्र सहायता तंत्र तथा अनुशासन संबंधी नियमों से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर डीन छात्र कल्याण (Dean Student Welfare) डॉ. शालिनी चौहान तथा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (Research and Development Cell) की संयोजक डॉ. अनुप्रिया शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें छात्र कल्याण, शोध, नवाचार एवं अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. नेहा कटोच तथा प्रो. सुष्मिता नेगी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेंगे।

Solan, Solan | Jul 14, 2026

यशपाल ठाकुर की अध्यक्षता में जिला सहकारिता प्रकोष्ठ ने किया जिला परिषद अध्यक्ष कुमारी शीला का भव्य स्वागत....

यशपाल ठाकुर की अध्यक्षता में जिला सहकारिता प्रकोष्ठ ने किया जिला परिषद अध्यक्ष कुमारी शीला का भव्य स्वागत....

Solan, Solan | Jul 14, 2026

जिला परिषद सोलन की अध्यक्ष बनने के बाद कुमारी शीला  का पहला भाषण ... सुनिए क्या कहा...

जिला परिषद सोलन की अध्यक्ष बनने के बाद कुमारी शीला का पहला भाषण ... सुनिए क्या कहा...

Solan, Solan | Jul 14, 2026

सिरमौर को विद्युत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए मोदी सरकार ने दिए ₹194.42 करोड़, कांग्रेस सच्चाई छिपाने का कर रही प्रयास : डॉ. राजीव बिंदल

केंद्र सरकार के पैसों से हो रहे बिजली सुधार कार्यों का श्रेय लेने में जुटी कांग्रेस सरकार, जनता को किया जा रहा गुमराह : डॉ. राजीव बिंदल

नाहन। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता को यह जानना चाहिए कि जिला सिरमौर में बिजली व्यवस्था के व्यापक आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए भारत सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत ₹194.42 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) है और इसी के माध्यम से प्रदेश में कार्यों का संचालन किया जा रहा है।

डॉ. बिंदल ने बताया कि इस परियोजना के तहत नाहन विधानसभा क्षेत्र में ₹86.75 करोड़, पांवटा साहिब क्षेत्र में ₹70.50 करोड़ तथा राजगढ़ क्षेत्र में ₹37.17 करोड़ की लागत से बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिरमौर जिले की विद्युत व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत खैरी पावर हाउस को मोगीनंद ग्रिड से जोड़ने, अंधेरी पावर हाउस को खैरी एवं मोगीनंद से जोड़ने, नए विद्युत ढांचे का निर्माण करने तथा नाहन शहर को दो अलग-अलग स्रोतों से 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त काला आम, धौलाकुआं, नाहन, दो-सड़का, धाटी तथा पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र में भी बिजली वितरण प्रणाली का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

डॉ. बिंदल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देशभर में लाखों करोड़ रुपये की लागत से संचालित RDSS योजना का बड़ा लाभ हिमाचल प्रदेश को मिला है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले में चल रहे लगभग सभी प्रमुख विद्युत सुधार कार्य केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत वित्तपोषित योजना के अंतर्गत किए जा रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस सरकार और प्रदेश के एक मंत्री के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें इन कार्यों का श्रेय प्रदेश सरकार को देने का प्रयास किया गया। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में बिजली बोर्ड के माध्यम से काम कर रही है, जबकि पूरी वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है। जनता को यह सच्चाई बताना कांग्रेस सरकार का दायित्व था, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को छिपाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद करना चाहिए, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश के बिजली ढांचे को मजबूत बनाने के लिए उदारतापूर्वक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा तथ्यों और पारदर्शिता की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में केंद्र सरकार की भूमिका को नकारने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता सब कुछ देख रही है और जानती है कि हिमाचल प्रदेश के विकास में सबसे बड़ा योगदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का है।

सिरमौर को विद्युत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए मोदी सरकार ने दिए ₹194.42 करोड़, कांग्रेस सच्चाई छिपाने का कर रही प्रयास : डॉ. राजीव बिंदल केंद्र सरकार के पैसों से हो रहे बिजली सुधार कार्यों का श्रेय लेने में जुटी कांग्रेस सरकार, जनता को किया जा रहा गुमराह : डॉ. राजीव बिंदल नाहन। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता को यह जानना चाहिए कि जिला सिरमौर में बिजली व्यवस्था के व्यापक आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए भारत सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत ₹194.42 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) है और इसी के माध्यम से प्रदेश में कार्यों का संचालन किया जा रहा है। डॉ. बिंदल ने बताया कि इस परियोजना के तहत नाहन विधानसभा क्षेत्र में ₹86.75 करोड़, पांवटा साहिब क्षेत्र में ₹70.50 करोड़ तथा राजगढ़ क्षेत्र में ₹37.17 करोड़ की लागत से बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिरमौर जिले की विद्युत व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत खैरी पावर हाउस को मोगीनंद ग्रिड से जोड़ने, अंधेरी पावर हाउस को खैरी एवं मोगीनंद से जोड़ने, नए विद्युत ढांचे का निर्माण करने तथा नाहन शहर को दो अलग-अलग स्रोतों से 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त काला आम, धौलाकुआं, नाहन, दो-सड़का, धाटी तथा पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र में भी बिजली वितरण प्रणाली का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। डॉ. बिंदल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देशभर में लाखों करोड़ रुपये की लागत से संचालित RDSS योजना का बड़ा लाभ हिमाचल प्रदेश को मिला है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले में चल रहे लगभग सभी प्रमुख विद्युत सुधार कार्य केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत वित्तपोषित योजना के अंतर्गत किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार और प्रदेश के एक मंत्री के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें इन कार्यों का श्रेय प्रदेश सरकार को देने का प्रयास किया गया। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में बिजली बोर्ड के माध्यम से काम कर रही है, जबकि पूरी वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है। जनता को यह सच्चाई बताना कांग्रेस सरकार का दायित्व था, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को छिपाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद करना चाहिए, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश के बिजली ढांचे को मजबूत बनाने के लिए उदारतापूर्वक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। डॉ. बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा तथ्यों और पारदर्शिता की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में केंद्र सरकार की भूमिका को नकारने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता सब कुछ देख रही है और जानती है कि हिमाचल प्रदेश के विकास में सबसे बड़ा योगदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का है।

Solan, Solan | Jul 14, 2026

सोलन: राम मंदिर में चंदा चोरी के विरोध में सोलन में कांग्रेस का प्रदर्शन

ये पैसों की नहीं, आस्था की चोरी है - सुभाष बरमाणी

सोलन: राम मंदिर में चंदा चोरी के विरोध में सोलन में कांग्रेस का प्रदर्शन ये पैसों की नहीं, आस्था की चोरी है - सुभाष बरमाणी

Solan, Solan | Jul 14, 2026

शूलिनी मेला 2026 हिमाचल केसरी कुश्ती दंगल का ख़िताब बागा के सोनू ने जीता। उन्होंने कण्डा के चेतन को हराया। हिमाचल समय - Himachal Samay Media #solan #dangal - Solan News