भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा,"...लोकतंत्र का एक तकाज़ा है कि लोकतंत्र में जो भी जनादेश मिलता है, सबको उसका सम्मान करना चाहिए लेकिन जिस तरह से बिहार की जनता ने महागठबंधन को रौंदा है, वो एक बड़ा इतिहास है। अब यह लोग तरह-तरह के प्रश्न उठाकर अपनी हार को स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि किस तरह से जनता ने उनको नकारा है..