सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली पर्वत श्रृंखला की नई परिभाषा पर रोक लगाने का निर्णय स्वागत योग्य है जो न्याय व जनभावना की जीत है। पर्यावरण व हमारे भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील विषय में अनेकों व्यक्तियों ने भावना प्रकट करते हुए ‘अरावली बचाओ’ मुहिम में सहभागिता निभाई, उसी का प्रतिफल है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर 20 नवंबर के अपने फैसले पर रोक लगाई है।