बता दे कि सिहावा में श्रृंगी ऋषि पर्वत के नीचे महानदी के पावन तट पर ग्राम छिपली पारा का आश्रित ग्राम देउर पारा स्थित है। यहाँ महानदी व बालका नदी का संगम होता है। माँघ पूर्णिमा पर यहा हज़ारो श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते है। पास ही 11वी शताब्दी में राजा कर्णराज द्वारा निर्मित शिव मंदिर, राम जानकी मंदिर, नन्दी, गणेश मन्दिर, विष्णु के मंदिर है।