बालोद: बालोद के किसान नील-हरित काई से रासायनिक खाद पर निर्भरता घटा रहे हैं, पैदावार बढ़ाने के साथ लागत में भी कमी
Balod, Balod | Jun 3, 2026 बालोद जिले में किसान अब खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए नील-हरित काई (ब्लू ग्रीन एल्गी) जैसे जैव उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं। कृषि विभाग की पहल पर कई किसानों ने अपने खेतों में नील-हरित शैवाल का उत्पादन शुरू किया है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होने के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ रही है।