भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी में बुधवार को परंपरा और आधुनिकता के संगम को अनूठे ढंग से पेश किया, शीतला सप्तमी पर्व पर 426 साल पुरानी परंपरा मुर्दे की सवारी निकलने की रस्म पूरी की गई, श्रद्धा के साथ-साथ युवाओं का उत्साह और रखने की तकनीक के प्रति प्रेम भी झलका। चित्तोड़ वालो की हवेली के पास से यह शवयात्रा शुरू हुई, सनेति पर लेता युवक आकर्षण का रहा केंद्र।