बारीशें, आंधियां, तूफ़ानों मे चलने के आदी है हम,
राहें भारत जोड़ने की चाह बढ़ाती हैं,
कण-कण में देश की खुशबू लिए,
मशाल जलाएं फिरते है हम, - Karnataka News
बारीशें, आंधियां, तूफ़ानों मे चलने के आदी है हम,
राहें भारत जोड़ने की चाह बढ़ाती हैं,
कण-कण में देश की खुशबू लिए,
मशाल जलाएं फिरते है हम,