जानकारी के अनुसार विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक लगभग 550 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वर्तमान में कक्षा 9 से 12 तक के 160 से अधिक विद्यार्थियों को सीमित कमरों में पढ़ाया जा रहा है, जबकि भवन का बड़ा हिस्सा जर्जर होने के कारण उपयोग के योग्य नहीं है। इससे नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से नए विद्यालय भवन का शीघ्र निर्माण शुरू करने तथा तब तक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्थायी कक्षाओं या अन्य सरकारी भवनों का उपयोग किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भवन की स्थिति को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा नए भवन के निर्माण और वैकल्पिक व्यवस्था के ल�