
"चिंतपूर्णी मंदिर विकास में देरी, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार"
"हाईकोर्ट सख्त: चिंतपूर्णी मंदिर के विकास कार्यों में देरी पर सरकार से मांगा जवाब"
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर के विकास कार्यों में हो रही लगातार देरी पर अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके आदेशों का समय पर पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कड़ी टिप्पणी की। अदालत में उपायुक्त ऊना ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि मंदिर के आसपास पार्किंग स्थलों की पहचान कर ली गई है और भारी वाहनों के लिए करीब दो किलोमीटर दूर सरकारी भूमि भी चिन्हित की गई है। भूमि मंदिर ट्रस्ट के नाम स्थानांतरित होते ही निर्माण कार्य शुरू करने का दावा किया गया है।हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महीनों बीत जाने के बावजूद जमीन पर कोई ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा। उनका आरोप है कि विकास केवल कागजों तक सीमित है।हाईकोर्ट ने भी माना कि 30 दिसंबर 2024 के आदेशों का निर्धारित समय में पालन नहीं हुआ और सरकार के हलफनामे में भूमि अधिग्रहण की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। अब अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। यदि तब तक विकास कार्यों में वास्तविक प्रगति नहीं दिखी, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की तलवार लटक सकती है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
Morang, Kinnaur | Jul 29, 2026