
अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और व्रत का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और शेषनाग की पूजा करते हैं तथा अनंत सूत्र धारण करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा से व्रत और पूजा करने से सुख-समृद्धि और परिवार में मंगल की कामना की जाती है।
🙏 अनंत चतुर्दशी व्रत रखने की सरल विधि
सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थल को साफ करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
पूजा में पीले फूल, फल, दीपक, धूप, रोली, अक्षत और मिठाई रखें।
भगवान विष्णु को पंचामृत या गंगाजल से स्नान कराकर पूजा करें।
अनंत सूत्र (आमतौर पर 14 गांठ वाला धागा) भगवान को अर्पित करें।
“ॐ अनंताय नमः” मंत्र का जाप करें और अनंत चतुर्दशी की कथा सुनें।
पूजा के बाद अनंत सूत्र को पुरुष दाहिने हाथ और महिलाएं बाएं हाथ में धारण करती हैं।
दिनभर अपनी श्रद्धा और स्वास्थ्य के अनुसार निर्जल या फलाहार व्रत रखा जा सकता है।
शाम को भगवान विष्णु की आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
🌼 पूजा में क्या चढ़ाएं?
पीले फूल
तुलसी दल
फल और मिठाई
पंचामृत
धूप-दीप
रोली और अक्षत
14 गांठ वाला अनंत सूत्र
Fatehabad, Agra | Sep 24, 2026