
*दोस्त की जान बचाकर खुद जिंदगी की जंग हार गया हरियाणा का लाल, अमेरिका की टाहो झील में डूबने से मौत*
हरियाणा के करनाल का एक और होनहार युवा सात समंदर पार अपनी किस्मत चमकाने गया था, लेकिन किसे पता था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है। अमेरिका की प्रसिद्ध और करीब 1645 फीट गहरी टाहो झील (Tahoe Lake) में करनाल की विकास कॉलोनी के रहने वाले 24 वर्षीय अर्शदीप की डूबने से मौत हो गई। अर्शदीप ने अपनी जान की परवाह न करते हुए झील में डूब रहे अपने दो दोस्तों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वह खुद मौत के आगोश में समा गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
*डूबते दोस्तों को देख खुद को रोक नहीं पाया अर्शदीप*
मृतक के छोटे भाई शरणदीप ने बताया कि अर्शदीप अमेरिका के फ्रेस्नो (Fresno) शहर में अपनी बुआ के पास रह रहा था और वहीं एक स्टोर में काम करता था। वीकेंड पर वह अपने 4-5 दोस्तों के साथ टाहो लेक पर घूमने गया था। नहाते समय अचानक उसके दो दोस्त गहरे पानी में जाने के कारण डूबने लगे।
अर्शदीप को तैरना आता था। उसने बिना एक पल गंवाए पानी में छलांग लगा दी। उसने सूझबूझ और बहादुरी दिखाते हुए एक-एक कर दोनों दोस्तों को डूबने से बचा लिया और सुरक्षित किनारे पर भेज दिया। लेकिन इस भारी मशक्कत के बीच वह खुद गहरे पानी के भंवर में फंस गया और थकने के कारण बाहर नहीं आ पाया। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने उसे तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसके फेफड़ों में काफी पानी भर चुका था और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
*45 लाख का कर्ज और डंकी रूट का वो सफर*
अर्शदीप के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। दो साल पहले ही उसके पिता प्रगट सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पिता के जाने के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी अर्शदीप के कंधों पर आ गई थी। घर के हालात बदलने और अपनी मां व भाई-बहन को एक बेहतर जिंदगी देने के सपने के साथ अर्शदीप ने विदेश जाने का फैसला किया था।
साल 2023 में परिवार ने जमीन-जायदाद दांव पर लगाकर और करीब 45 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लेकर उसे 'डंकी रूट' (अवैध रास्ता) के जरिए अमेरिका भेजा था। अर्शदीप का सपना था कि वह अमेरिका में दिन-रात मेहनत करके सबसे पहले परिवार का कर्ज उतारेगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कर्ज तो दूर, अब बुढ़ापे में मां का एकमात्र सहारा भी छिन गया।
*शव को वतन लाने के लिए सरकार से गुहार*
इस भीषण हादसे ने पूरे परिवार को अंदर से तोड़कर रख दिया है। एक तरफ इकलौते कमाऊ बेटे को खोने का गम है, तो दूसरी तरफ सिर पर खड़ा 45 लाख का कर्ज। अमेरिका में रह रहे रिश्तेदार कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटे हैं।
*परिजनों की अपील:*
"हमारा सब कुछ खत्म हो गया है। सरकार से हमारी हाथ जोड़कर विनती है कि हमारे बेटे के शव को जल्द से जल्द भारत (करनाल) लाने में प्रशासनिक मदद की जाए, ताकि हम आखिरी बार उसका चेहरा देख सकें और उसका अंतिम संस्कार अपनी मिट्टी में कर सकें।"
Karnal, Karnal | Jul 6, 2026