
करंट हादसे से अनाथ हुए 6 मासूमों को मिला सहारा, इंटरनल कॉर्पोरेट मीडिया के CEO आलोक रंजन तिवारी ने दिए ₹51 हजार
प्रतापगढ़। पट्टी तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा रायगढ़ में हुए दर्दनाक करंट हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में मां की असमय मौत के बाद छह मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। सिर से मां का साया उठने के बाद बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी, सुरक्षित आवास और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों का भी संकट खड़ा हो गया है। इस मार्मिक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और अब मदद के लिए लगातार लोग आगे आ रहे हैं। इसी क्रम में मानवता की मिसाल पेश करते हुए इंटरनल कॉर्पोरेट मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के CEO Alok Ranjan Tiwari ने छहों बच्चों की सहायता के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों के साथ किस तरह खड़ा होता है। ऐसे कठिन समय में हर सक्षम व्यक्ति का नैतिक दायित्व है कि वह इन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपना योगदान दे।
आलोक रंजन तिवारी ने समाज के सभी दानवीरों, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि यदि सभी लोग अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करें, तो इन छह मासूम बच्चों के सिर पर सुरक्षित छत, बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का सपना साकार हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने आलोक रंजन तिवारी के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग न केवल आर्थिक संबल देते हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे परिवारों में उम्मीद की नई किरण भी जगाते हैं। लोगों का कहना है कि यह पहल अन्य सक्षम लोगों को भी आगे आने और जरूरतमंद बच्चों की मदद करने के लिए प्रेरित करेगी।
रायगढ़ की इस त्रासदी में अब समाज की संवेदनाएं जाग रही हैं और मदद का कारवां लगातार बढ़ रहा है। उम्मीद है कि सामूहिक सहयोग से इन छह मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सकेगा।