भरतपुर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में अवस्थाओं की वजह से खुद एक डॉक्टर धरने पर बैठ गया। डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल में चाइना की मशीनों से सोनोग्राफी की जा रही है। यह मशीनें रिपोर्ट ठीक नहीं दे रहीं। इसकी शिकायत भी अधिकारियों से की गई उसके बाद भी मशीनें ठीक नहीं करवाई गई। अस्पताल प्रशासन ने कंपनी की मशीनों को लगाने की बजाए चाइना की मशीन लगा दी हैं। रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर हरिचरण ने बताया कि RBM अस्पताल में सोनोग्राफी की जो मशीनें लगाई गई हैं। वह बहुत ही ख़राब मशीनें हैं। मशीनों में कुछ दिखाई नहीं देता। मरीजों की डायग्नोसिस मिस होने के काफी चांस होते हैं। इसी को लेकर मैं मरीजों के पास जाकर धरने पर बैठ गया। क्योंकि मैं भी जनता ही हूं। प्रशासन से मेरी गुजारिश है कि सोनोग्राफी की मशीनों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। फिलहाल 2 मशीनों को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने इन मशीनों को ठीक करने या नई मशीनों को लगाने का आश्वासन दिया है। अगर 2 दिन के अंदर मशीनें ठीक नहीं होती तो, डॉक्टर हरिचरण वापस धरने पर बैठेंगे। इन मशीनों को 6 महीने पहले ही लगाया गया था। दोनों मशीनें चाइना क्वालिटी की मशीन हैं। मशीनों के अंदर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर काफी ख़राब है। 21 मई को दोनों मशीनों को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई थी कि 15 से 20 दिन के अंदर इन मशीनों को ठीक करवाया जाए नहीं तो, हम इन मशीनों पर काम करना बंद कर देंगे। उसके बाद भी अधिकारियों ने हमारी शिकायत नहीं सुनी। इसलिए आज डॉक्टर हरिचरण को धरने पर बैठना पड़ा। वहीं जब इसके बारे में PMO नगेंद्र भदौरिया से बात कि तो, उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहना ठीक होगा। इस मामले की जांच के लिए 5 डॉक्टर की कमेटी बना दी गई है।
Jalor, Jalor | Jun 18, 2026