
"लाहौल में बादल फटा, पुल-सड़कें बहीं! मनाली में ट्रेकर की मौ@त, 31 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट"
"हिमाचल में बारिश का कहर: लाहौल में बादल फटा, मनाली में ट्रेकर की मौ#त"
लाहौल-स्पीति,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में शनिवार रात धौंधल नाला क्षेत्र में बादल फट गया। इससे एक पुल और सड़क बह गए, जिससे सात गांवों का संपर्क कट गया। मनाली में नाले में बहने से जम्मू-कश्मीर के ट्रैकर की मौत हो गई। कुल्लू व मंडी में भूस्खलन से सड़कें बाधित रहीं। कुल्लू की सुचैहण पंचायत में दो पुलिया बह गईं। प्रदेश में 135 सड़कें, 44 ट्रांसफार्मर और 38 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 से 31 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 27 को चार जिलों बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट व 28 जुलाई को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। रविवार को शिमला में दिनभर रुक-रुक कर और रात को झमाझम बारिश हुई। लाहौल में बादल फटने के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य शुरू कर दिया है। मनाली में ट्रेकिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शनाग-मझाच क्षेत्र से लौटते समय शनिवार को जम्मू निवासी धनंजय वर्मा मझाच नाले के तेज बहाव में बह गए। पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने पूरी रात संयुक्त सर्च अभियान चलाया। रविवार सुबह वशिष्ठ चौक के पास ब्यास नदी से उनका शव बरामद किया गया। शनिवार रात हुई बारिश से कुल्लू के आनी के कराशा में एनएच-305 भूस्खलन के कारण 14 घंटे बंद रहा। लूहरी से कमांद तक आठ जगह पर भूस्खलन और मलबा आ गया था। कारशा और निमला के पास यातायात ठप रहा। सेब सीजन के चलते बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन घंटों रास्ते में फंसे रहे। हालांकि, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई की टीमों ने रविवार दोपहर 12 बजे राजमार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया। सैंज क्षेत्र की सुचैहण पंचायत में दो पुलियों तथा गाड़ापारली पंचायत में एक पैदल रास्ते को नुकसान पहुंचा है। मंडी में टांडू के समीप रविवार तड़के पहाड़ी से चट्टानें व मलबा मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरा। इससे यातायात चार घंटे बाधित रहा। सुंदरनगर में शनिवार रात एक घंटे की तेज बारिश से कई वार्डों की सड़कें जलमग्न हो गईं और नालों का पानी घरों तक पहुंच गया। वार्ड-8 में लिंडी खड्ड उफान पर आ गई। खड्ड किनारे रहने वाले लोगों ने अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया।
Morang, Kinnaur | Jul 27, 2026