
कागजी दौर से जमीन पर उतरे अधिकारी! मड़िहान में बच्चों की थाली चखकर परखी भोजन की गुणवत्ता
मिर्जापुर। क्या सरकारी व्यवस्थाओं की हकीकत सिर्फ कागजों में दर्ज रिपोर्ट से सामने आएगी या अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति परखेंगे? मड़िहान के आश्रम पद्धति विद्यालय में मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और डीआईजी पूनम के औचक निरीक्षण ने इस सवाल को फिर चर्चा में ला दिया।
औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन को स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। अधिकारियों के इस कदम से विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मचा रहा।
निरीक्षण के दौरान NEET और JEE की तैयारी कर रही छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई और तैयारियों की जानकारी ली गई। छात्राओं की शैक्षणिक जरूरतों को देखते हुए फिजिक्स और केमिस्ट्री के लिए मॉक टेस्ट आयोजित कराने तथा लाइब्रेरी में NCERT मॉड्यूल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वहीं, बालिका छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। CCTV कैमरों की व्यवस्था दुरुस्त रखने और 24 घंटे महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों का सीधे बच्चों से संवाद करना और भोजन से लेकर पढ़ाई व सुरक्षा व्यवस्था तक की मौके पर जांच करना निश्चित तौर पर सरकारी संस्थानों की जमीनी हकीकत परखने की दिशा में अहम कदम माना जा सकता है।
अब सवाल यह है—क्या ऐसे औचक निरीक्षण सरकारी स्कूलों और छात्रावासों की तस्वीर वास्तव में बदल पाएंगे? आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।