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शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 54 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े चार गिरफ्तार बस्ती। उत्तर प्रदेश पुलिस के 'साइबर वज्र (Cy-Vazra)' अभियान के तहत बस्ती साइबर क्राइम थाना, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, पांच चेकबुक, छह एटीएम कार्ड, दो क्यूआर कोड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जीएसटी संबंधी दस्तावेज और 6,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश, शेयर ट्रेडिंग और लोन के विज्ञापन देकर लोगों को झांसे में लेता था तथा फर्जी फर्मों के बैंक खातों में रकम जमा कराकर ठगी करता था। जांच में आरोपितों के बैंक खातों से जुड़े एनसीआरपी पोर्टल पर 77 शिकायतें मिली हैं, जिनमें लगभग 54 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

Basti, Basti | Jul 11, 2026

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दासिया एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: संतोष वर्मा पर एफआईआर, बोले—'किसानों की लड़ाई नहीं रुकेगी'

बस्ती। दासिया में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच किसान हितों की आवाज़ उठाने वाले संतोष वर्मा पर एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद संतोष वर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुकदमों से आंदोलन दबने वाला नहीं है और किसानों के हक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
संतोष वर्मा ने कहा कि यदि किसानों की आवाज़ उठाने के कारण उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, तो वह इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मुकदमा दर्ज करने का अधिकार है, लेकिन किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ना भी उनका संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी उद्योग से नहीं, बल्कि केवल दासिया में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री से है। उनके अनुसार क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल और अन्य उद्योग स्थापित होने चाहिए, लेकिन एथेनॉल फैक्ट्री से पर्यावरण और स्थानीय लोगों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए संतोष वर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बावजूद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपना कार्य करे, लेकिन जनता को भी अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अवसर मिलना चाहिए।
सरकार से अपनी मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि दासिया में एथेनॉल फैक्ट्री की अनुमति न दी जाए। यदि सरकार उद्योग स्थापित करना चाहती है तो पहले बस्ती जिले को औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल ज़ोन) घोषित किया जाए और वहां अन्य उद्योग लगाए जाएं।
संतोष वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके सहित अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और एथेनॉल फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।

दासिया एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: संतोष वर्मा पर एफआईआर, बोले—'किसानों की लड़ाई नहीं रुकेगी' बस्ती। दासिया में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच किसान हितों की आवाज़ उठाने वाले संतोष वर्मा पर एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद संतोष वर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुकदमों से आंदोलन दबने वाला नहीं है और किसानों के हक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। संतोष वर्मा ने कहा कि यदि किसानों की आवाज़ उठाने के कारण उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, तो वह इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मुकदमा दर्ज करने का अधिकार है, लेकिन किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ना भी उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी उद्योग से नहीं, बल्कि केवल दासिया में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री से है। उनके अनुसार क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल और अन्य उद्योग स्थापित होने चाहिए, लेकिन एथेनॉल फैक्ट्री से पर्यावरण और स्थानीय लोगों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए संतोष वर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बावजूद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपना कार्य करे, लेकिन जनता को भी अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार से अपनी मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि दासिया में एथेनॉल फैक्ट्री की अनुमति न दी जाए। यदि सरकार उद्योग स्थापित करना चाहती है तो पहले बस्ती जिले को औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल ज़ोन) घोषित किया जाए और वहां अन्य उद्योग लगाए जाएं। संतोष वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके सहित अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और एथेनॉल फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।

Basti, Basti | Jul 14, 2026

Basti- 54 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 4 शातिर गिरफ्तार_ पार्ट आठ #ijeenews #shorts #news

Basti- 54 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 4 शातिर गिरफ्तार_ पार्ट आठ #ijeenews #shorts #news

Basti, Basti | Jul 14, 2026

Basti- 54 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 4 शातिर गिरफ्तार_ पार्ट सात #ijeenews #shorts #news

Basti- 54 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 4 शातिर गिरफ्तार_ पार्ट सात #ijeenews #shorts #news

Basti, Basti | Jul 14, 2026

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 54 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े चार गिरफ्तार बस्ती। उत्तर प्रदेश पुलिस के 'साइबर वज्र (Cy-Vazra)' अभियान के तहत बस्ती साइबर क्राइम थाना, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, पांच चेकबुक, छह एटीएम कार्ड, दो क्यूआर कोड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जीएसटी संबंधी दस्तावेज और 6,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश, शेयर ट्रेडिंग और लोन के विज्ञापन देकर लोगों को झांसे में लेता था तथा फर्जी फर्मों के बैंक खातों में रकम जमा कराकर ठगी करता था। जांच में आरोपितों के बैंक खातों से जुड़े एनसीआरपी पोर्टल पर 77 शिकायतें मिली हैं, जिनमें लगभग 54 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। - Basti News