
हेपेटाइटिस: आओ इसे तोड़ें" की थीम के साथ मनाया गया विश्व हेपेटाइटिस दिवस
दूषित सिरिंजों और खून के संपर्क में आने से फैलता है हेपेटाइटिस - डॉ. गायत्री पुजारा, एम.डी मेडिसिन
मुख्यमंत्री पंजाब हेपेटाइटिस रिलीफ फंड' के तहत जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध - डॉ. सुनीता कंबोज, जिला एपिडिमालॉजिस्ट
फाजिल्का समाचार/सोनू वर्मा,28 जुलाई(फाजिल्का): सिविल सर्जन फाजिल्का डॉ. कविता की विशेष निगरानी, एस.एम.ओ डॉ. एडिसन एरिक और जिला एपिडिमालॉजिस्ट डॉ. सुनीता कंबोज की देखरेख में सरकारी सीनियर सेकेंडरी एमिनेंस स्कूल (लड़के) में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम से डॉ. सुनीता कंबोज, एम.डी मेडिसिन डॉ. गायत्री पुजारा, डिप्टी मास मीडिया अधिकारी मनबीर सिंह, बी.ई.ई. दिवेश कुमार, अतिंदर पाल सिंह शामिल हुए।
बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ. गायत्री पुजारा ने बताया कि हेपेटाइटिस जिगर की सूजन को दर्शाता है, जो खून में बिलीरुबिन की बढ़ी हुई मात्रा के कारण होता है। यह वायरल इन्फेक्शन, शराब, कुछ दवाइयां, जहरीले पदार्थों का सेवन, संक्रमित सुइयों का उपयोग, एक संक्रमित मां से उसके बच्चे को, असुरक्षित यौन संबंध और ऑटोइम्यून विकार सहित कई कारणों से होता है। हेपेटाइटिस A, B, C, D और E इसकी मुख्य किस्में हैं। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस A की बीमारी आमतौर पर दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलती है। देश में हेपेटाइटिस-A के मरीज ज्यादा पाए जाते हैं। हेपेटाइटिस B और C, जो कि ज्यादा खतरनाक हैं, संक्रमित खून के संपर्क और असुरक्षित यौन संबंधों के जरिए फैलते हैं। HIV मरीजों को हेपेटाइटिस C होने का खतरा ज्यादा होता है।
डॉ. सुनीता कंबोज ने बताया कि हेपेटाइटिस के कारण सिरोसिस और जिगर का कैंसर भी हो सकता है। बुखार, थकान, भूख न लगना, मतली, उल्टियां, पेट दर्द, गहरा पेशाब, मिट्टी के रंग का मल, जोड़ों में दर्द और पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला होना) इस बीमारी के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए व्यक्तिगत और आसपास की सफाई रखें, सिंगल-यूज सिरिंजों का इस्तेमाल करें, असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं, टैटू बनवाने से परहेज करें और नशीले पदार्थों का सेवन न करें। 'मुख्यमंत्री पंजाब हेपेटाइटिस रिलीफ फंड' के तहत पंजाब के सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी की प्रारंभिक जांच, वायरल लोड टेस्ट और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मास मीडिया विंग की तरफ से डिप्टी मास मीडिया अधिकारी मनबीर सिंह और बी.ई.ई दिवेश कुमार ने बताया कि नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के तहत आज यह दिवस "हेपेटाइटिस: आओ इसे तोड़ें" थीम के तहत मनाया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात बच्चों का टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं का टेस्ट भी किया जाता है। इस मौके पर प्रिंसिपल हरी चंद कंबोज और लेक्चरर संदीप अनेजा ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सेमिनार बच्चों को अच्छी सेहत अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और स्वस्थ भविष्य की नींव रखते हैं।